बंशीधर मंदिर: सोने से बनी भगवान कृष्ण की मूर्ति और नगर उंटारी का ऐतिहासिक महत्व
झारखंड राज्य के गढ़वा जिले में स्थित नगर उंटारी, जिसे अब आधिकारिक रूप से बंशीधर नगर के नाम से जाना जाता है, एक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है। यह स्थान बंशीधर मंदिर के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ भगवान श्री कृष्ण की 1280 किलोग्राम सोने से बनी मूर्ति स्थापित है। यह मूर्ति न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसकी भव्यता और मूल्य के कारण यह आकर्षण का केंद्र बन चुकी है।
बंशीधर मंदिर का इतिहास:
बंशीधर मंदिर की स्थापना 1885 में रानी शिवमणि कुँवर ने की थी। कहा जाता है कि रानी को कृष्ण जन्माष्टमी की रात भगवान श्री कृष्ण का सपना आया, जिसमें उन्होंने एक पहाड़ी में फंसी अपनी मूर्ति के बारे में बताया। इसके बाद रानी ने उस पहाड़ी से मूर्ति को बाहर निकाला और मंदिर में स्थापित किया। मंदिर में स्थापित मूर्ति भगवान कृष्ण की है। यह मूर्ति त्रिदेव विष्णु के प्रतीक मानी जाती है।
मूर्ति की विशेषताएँ और मूल्य:
बंशीधर मंदिर में स्थापित भगवान कृष्ण की मूर्ति 1280 किलोग्राम सोने से बनी है। वर्ष 2014 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के भूगर्भ विभाग ने इस मूर्ति का मूल्य लगभग ₹2500 करोड़ आंका था। यह मूर्ति सोने के अलावा आठ धातुओं (अष्टधातु) से भी बनी है, जिसमें सोने की प्रमुखता है।
मंदिर का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व:
बंशीधर मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी आकर्षण का केंद्र है। मंदिर से 3 km दूर स्थित राजा पहाड़ी (शिव मंदिर) में भी प्राचीन हैं। यह स्थान हर साल कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित होने वाले बंशीधर महोत्सव के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं।
बंशीधर महोत्सव:
बंशीधर महोत्सव हर साल फाल्गुन माह में आयोजित होता है। यह महोत्सव दो दिनों तक चलता है, जिसमें विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और भव्य झांकियाँ प्रस्तुत की जाती हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 19 और 20 मार्च 2023 को इस महोत्सव का उद्घाटन किया था। इस अवसर पर गढ़वा जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने आयोजन स्थल गोसाइबाग मैदान और मंदिर परिसर में आवश्यक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
नगर उंटारी से बंशीधर नगर तक का परिवर्तन:
नगर उंटारी को 2018 में आधिकारिक रूप से 'श्री बंशीधर नगर' नाम दिया गया था। यह नाम परिवर्तन इस क्षेत्र के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाता है। यह स्थान अब न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बन चुका है।
बंशीधर मंदिर न केवल भगवान श्री कृष्ण की भव्य मूर्ति के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यह स्थान धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का प्रतीक है, और बंशीधर महोत्सव जैसे आयोजनों के माध्यम से यह स्थान और भी महत्वपूर्ण बन जाता है।
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बंशीधर मंदिर कहाँ स्थित है?
बंशीधर मंदिर झारखंड राज्य के गढ़वा जिले में स्थित नगर उंटारी (अब बंशीधर नगर) में है। -
मंदिर में भगवान कृष्ण की मूर्ति किससे बनी है?
मंदिर में भगवान कृष्ण की मूर्ति 1280 किलोग्राम सोने से बनी है। -
बंशीधर महोत्सव कब आयोजित होता है?
बंशीधर महोत्सव हर साल फाल्गुन माह में आयोजित होता है। -
मंदिर का इतिहास क्या है?
मंदिर की स्थापना 1885 में रानी शिवमणि कुँवर ने की थी, जिन्होंने कृष्ण जन्माष्टमी की रात भगवान श्री कृष्ण का सपना देखा था। -
नगर उंटारी का नाम क्यों बदला गया?
नगर उंटारी का नाम 2018 में 'श्री बंशीधर नगर' रखा गया, ताकि इस क्षेत्र के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाया जा सके।


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